बीकानेर पुलिस ने अपहरण के मामले में पर्दाफाश किया।
बीकानेर खुद के झूठे अपहरण की साजिश करने के मामले में नोखा थाना पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हैं मात्र 4 घंटे में ही पूरी सच्चाई सामने लाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया।
मामला 13 मई 2026 का है परिवादीया अनुराधा ने नोखा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसके बेटे विष्णु को देर रात्रि करीब दो ढाई बजे के बीच तीन चार अज्ञात लोगों ने घर से अपहरण कर लिया घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बनवारी लाल के निर्देशन में थाना अधिकारी अरविंद भारद्वाज के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया गठन की गई टीम में तकनीकी साक्ष्य और आसपास में पूछताछ के बाद विष्णु जोशी के दोस्तों को शक के आधार पर सख्ती से पूछताछ की सामने आया कि विष्णु जोशी ने अपने भाई नारायण पारीक और गौरी शंकर पारीक के साथ मिलकर खुद पर हमले और अपहरण का एक फर्जी वीडियो बनाया था इस वीडियो को व्हाट्सएप पर भेजने के बाद उसने अपना फोन बंद कर दिया और दोस्त के घर जाकर सो गया रात में यह खुलासा हुआ कि विष्णु ने यह नाटक पूर्व में दर्ज एक मामले में पुलिस पर दबाव बनाने और जांच को गुमराह करने के उद्देश्य से बनाया था पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विष्णु गौरी शंकर शिवलाल बिश्नोई और नारायण पारीक को राउंडअप कर लिया है इस सफल कार्रवाई में थाना अधिकारी अरविंद कुमार सहायक उप निरीक्षक ताराचंद मीना हेड कांस्टेबल अशोक कुमार कांस्टेबल गणेश गुर्जर और लक्ष्मण की विशेष भूमिका रही।