बीकानेर घातक चाइनीज़ मांझे से एक मासूम की जिंदगी गई एक युवक घायल हुआ।
बीकानेर में प्रतिबंधित चाइनीस मांझे की वजह से एक बार फिर मासूम बच्चे की जान चली गई घटना देशनोक कस्बे से है जहां पर एक दर्दनाक हादसे में 10 साल के बच्चे मासूम विराट की गर्दन चाइनीस मांझे कट गई जब तक परिवार के लोग उसे संभाल पाते तब तक वह लहु लोहान होकर अचेत हो गया अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई।
जानकारी के अनुसार मासूम अपने माता-पिता के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहा था रास्ते में अचानक आसमान से लटकता हुआ चाइनीज़ मांझा बाइक के सामने आया और सीधे बच्चों की गर्दन में फंस गया मोटरसाइकिल की रफ्तार के कारण मांझे ने बच्चे की गर्दन को गहराई तक काट दिया घटना के बाद सड़क पर चिख पुकार मच गई बच्चे को तड़पता देख माता-पिता बेहाल हो गए और उसे लेकर तुरंत अस्पताल की ओर दोड़े लेकिन ज्यादा खुश बह जाने के कारण मासूम की जान नहीं बचाई जा सकी इस घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया।
बीकानेर में प्रतिबंधित चाइनीज़ मांझे से अब लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है देशनोक में हादसे के बाद बीकानेर शहर के लालणी व्यासों के चौक निवासी हितेश कुमार शुक्रवार शाम को मुरलीधर व्यास कॉलोनी से अपने घर की ओर जा रहा था जैसे ही वह भाटों के बांस पहुंचा अचानक आसमान से लटकता हुआ चाइनीज़ मांझा उसके गले में आकर उलझ गया धागा इतना तेज था की हितेश की गर्दन पर गहरा घाव हो गया और खून का फवारा फुट पड़ा दर्द और घबराहट के कारण हितेश का बाइक का संतुलन बिगड़ गया और हितेश रास्ते में गिर गया तुरंत उसे संभाला और अस्पताल पहुंचाया जहां समय रहते हैं उसका उपचार किया गया एक दिन में दो घटना बीकानेर की सड़कों पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा है प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध दिखाई दे रहे हैं जबकि हकीकत में बाजार में जानलेवा मांझा बिक रहा है लोग उसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं
जिला प्रशासन और पुलिस ने हर हाल साल चाइनीज़ मांझे पर प्रतिबंध के बड़े-बड़े दावे तो करता है थे लेकिन हकीकत में कुछ और ही है देशनोक सहित पूरे जिले की गलियों में यह है चाइनीस मांझा खुलेआम बिक रहा है सवाल यह है कि जब प्रतिबंध है तो यह मांझा दुकान तक पहुंच कैसे रहा है क्या प्रशासन केवल दिखावटी काम कर रहा है हादसे का इंतजार करता है आज एक घर का चिराग बुझ गया लेकिन क्या अभी उन दुकानों पर ताले लगेंगे जो मौत का माझा बेच रहे हैं